‘तिरुपति बालाजी’ निकले स्मार्ट, ‘जगन्नाथ’ भगवान को लगा चूना

आरबीआई ने गुरुवार को जब यस बैंक से 50 हजार रुपये से ज्यादा निकासी पर रोक लगाई तो इससे बैंक के ग्राहकों में घबराहट फैल गई। इस बैंक में कई मंदिर प्रबंधन के भी अकाउंट थे। यस बैंक संकट से तिरुपति बालाजी तो बच गए, क्योंकि उनके ट्रस्ट ने पिछले महीने ही अपने 1300 करोड़ रुपये निकाल लिए थे लेकिन पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर के 592 करोड़ रुपये फंस गए।

वित्तीय संकट में फंसे यस बैंक के ग्राहकों में घबराहट है। यस बैंक की शाखाओं और एटीएम पर शुक्रवार को ग्राहकों की लंबी कतार दिखीं। गुरुवार रात को ही बैंक के अधिकांश एटीएम खाली हो गए। लोगों में आक्रोश को देखते हुए मुंबई की सभी शाखाओं पर पुलिस तैनात रही।

दरअसल, आरबीआई ने गुरुवार शाम से 3 अप्रैल तक बैंक से 50 हजार से ज्यादा निकासी पर रोक लगा दी है। इस वजह से पूरे देश में यस बैंक के ग्राहक सदमे में आ गए हैं। बैंक में लोगों को पैसा जमा है और उन्हें जरूरत भी है, लेकिन पैसा नहीं निकाल सकते।

आरबीआई के प्लान में कुछ प्रमुख बातें, जिससे राहत मिलने की उम्मीद है्-
1. एसबीआई 2450 करोड़ रुपए का निवेश कर यस बैंक में 49% हिस्सेदारी खरीदेगा।
2. यस बैंक की अधिकृत पूंजी 50 हजार करोड़ रु. तय की गई है। हर शेयर का मूल्य 2 रुपए होगा।
3. नया बोर्ड बनेगा। इंवेस्टर बैंक यानी एसबीआई बोर्ड में दो डॉयरेक्टर नियुक्त कर सकेगा।
4. रिकंस्ट्रक्शन योजना से किसी खाताधारक की प्राप्तियों में बदलाव हुआ तो हर्जाना नहीं मिलेगा।
5. यस बैंक में काम कर रहे सारे कर्मचारियों की सेवाएं पहले की ही तरह जारी रहेंगी।

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