सूर्य स्नान से मजबूत होता है इम्युनिटी सिस्टम, 100 से ज्यादा घातक बीमारियों से बचाता है सूर्य स्नान

नई दिल्ली।  सनातन धर्म की प्रत्येक परंपरा का एक वैज्ञानिक कारण होता है। इसी कारण भारत देश में पर्व और त्यौहार मनाए जाते हैं। लोगों का इन उत्सवों से गहरा नाता जुड़ा है। हमारे ऋषियों ने ऋतुओं के संधि या परिवर्तन काल में पर्व विधानों का इस ढंग से समायोजन किया है जिनसे इंसान की सेहत हमेशा अच्छी रहे। इन पर्वों में सूर्य षष्ठी व्रत भी शामिल है। इस चार दिवसीय व्रत का एक-एक अनुष्ठान मानव स्वास्थ्य से सीधा संबंध रखता है। 

कई शोधों से यह प्रमाणित हो चुका है कि सूर्य षष्ठी के व्रत काल में नियम पूर्वक सूर्य स्नान करने से सौ से अधिक खतरनाक रोगों से बचा जा सकता है। इनमें मधुमेह, हड्डियों में दर्द से लेकर कैंसर जैसे घातक रोग शामिल हैं। छठ पर्व स्वास्थ्य एवं ऊर्जा का खजाना है। डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देते समय पात्र से गिरते जल धार में पराबैंगनी किरणों के हानिकारक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसीलिए कहा जाता है कि अर्घ्य देते समय सूर्य को नहीं, जलधार से छन कर आती सूर्य किरणों को देखते रहना चाहिए। शुद्ध किरणें जैव-रासायनिक प्रक्रिया के जरिए शरीर को रोग मुक्त करती हैं। 

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य षष्ठी तिथि पर विशेष खगोलीय परिवर्तन के कारण सूर्य की पराबैगनी किरणें पृथ्वी की सतह पर सामान्य से अधिक और अत्यंत सघन होकर एकत्र होती हैं। छठ के विधानों से उन किरणों के दुष्प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। इसी कारण यह त्यौहार बिहार के साथ् पूरे  देश में मनाया जाता है।

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