तानसेन समारोह में कोरोना का कहर, भंडारे की जगह पैकेटों में मिलेगा खाना

नई दिल्ली। संगीत की नगरी ग्वालियर में तानसेन समारोह का आयोजन 28 दिसम्बर से होगा। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए देश और विदेश से सैंकड़ों की संख्या में सुर साधक शिरकत करेंगे। आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) की अनुमति के बाद शासन  के निर्देश पर स्थानीय स्तर पर उपसमिति का गठन कर  दिया गया है। 

इसमें कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनसंपर्क अधिकारी व एएसआई के वरिष्ठ संरक्षक सहायक शामिल किए गए हैं। साथ ही अशोक आनंद, बाल खांडे व कलावीथिका प्रभारी वेद कुमार शर्मा भी समिति में शामिल किए गए हैं। यह समिति स्थानीय स्तर पर होने वाली व्यवस्थाएं देखेंगी व मॉनीटरिंग करेंगी।

समारोह का आरंभ 26 दिसम्बर को प्रातःकालीन बेला में तानसेन की समाधि पर पारंपरिक ढंग से हरिकथा ,मिलाद, शहनाई वादन व चादरपोशी के साथ होगा। इसके बाद अपरान्ह 3 बजे से समारोहपूर्वक शुभारंभ होगा।

 वादी-संवादी 28 को

तानसेन समारोह के अंतर्गत होने वाला कार्यक्रम ‘वादी-संवादी’ राजा मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में 28 दिसंबर को अपरान्ह 1.30 बजे से 2.30 बजे तक होगा। कार्यक्रम का संयोजन विश्वविद्यालय प्रशासन ही करेगा। हर साल वाद संवाद की जिम्मेदारी विवि प्रबंधन पर ही रहती है। इस कार्यक्रम में नए कला साधकों को एक मंच मिलता है जहां से वे अपने कॅरियर की शुरूआत करते हैं।

 भंडारा की जगह  पैकेटों में मिलेगा खाना 

तानसेन समारोह की आखिरी सभा बेहट में होगी। इस दौरान वहां होनेवाला भंडारा कोविड के चलते संभवत: नहीं हो पाएगा। ऐसे में यहां पहुंचने वाले संगीत प्रेमियों को भोजन के पैकेट वितरित किए जाएंगे। भोजन के पैकेट कहां बनेंगे यह निर्णय समिति लेगी।

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