‘मोदी जी, मुझे सऊदी अरब से वापस बुला लो, मैं यहां ज‍िंदा लाश बन रही हूं’

हरदा की फॉरेस्ट कालोनी में रहने वाली महिला रीना गहलोद एक एजेंट के झांसे में नौकरी के लिए सऊदी अरब पहुंच गई लेकिन वहां पर अपने मालिक की प्रताड़ना से तंग आकर वह भारत वापस आना चाहती हैं। जब कोई रास्ता दिखाई नहीं दिया तो महिला ने वॉट्सएप के माध्यम से प्रधानमंत्री, जिला प्रशासन और अपने शहर के लोगों से भारत वापस आने की गुहार लगाई है। महिला ने 10 मिनट का वीडियो भी भेजा है।

महिला ने आवेदन में बताया कि हरदा में एक निजी संस्था में लाइब्रेरियन की जॉब कर रही थी। उसमें मेरे घर का गुजरा नहीं हो पा रहा था। पति बीमार रहते हैं, इस वजह से उन्हें ज्यादा काम करने के लिए डॉक्टर ने मना किया है। इसके लिए वह दूसरी जॉब की तलाश कर रही थीं।

महिला ने बताया कि ऑनलाइन साइट पर सिकंदर नाम के व्यक्ति से संपर्क हुआ। उसने मुझे सऊदी अरब में 28000 सैलरी, साथ ही रहना, खाना, कपड़ा सब फ्री का बताया। उसे हाउस मैड का जॉब करना था, चूंकि रुपये की जरूरत के कारण रीना ने सिंकदर को जॉब के लिए हां बोल दिया। रीना ने बताया कि सिकंदर ने मेरा वीजा, मेडिकल, फ्लाइट की टिकट करके दिए। चेन्नई से फ्लाइट है, कहकर मुझे चेन्नई बुलाया.

रीना ने बताया कि जिस दिन सऊदी आने के लिए मेरी फ्लाइट थी उस दिन एयरपोर्ट पर एक स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवाया जिसमें लिखा था कि सऊदी का 1200 र‍ियाल और इंडिया के 23000 रुपये सैलरी है। साथ ही लिखा था मुझे घर का सभी काम करना है।

सऊदी में जब पहली सैलरी मिली तब पता चला मेरी सैलरी 1200 र‍ियाल नहीं 1000 र‍ियाल है। तब मेरी मालकिन से बहुत बहस हुई। आखिरकार उन्होंने मेरी एजेंट से कॉल पर बात करवाई जिसका नाम मतलुब है। उस दिन मुझे पता चला कि सिकंदर एजेंट नहीं है, वो एक दलाल है। इस तरह महिलाओं को झूठ बोल कर सऊदी भेजता है।

एजेंट मतलुब ने मुझसे झूठ बोला कि आप अच्छे से काम करो और अरबी बोलना सीख लो तो 2 महीने बाद में बोलकर वेतन बढ़वा दूंगा। आज 11 महीने बाद भी सैलरी नहीं बढ़ाई है। मुझे खाने-पीने से भी तरसाते हैं। मेरे खुद के कपड़े होने के बाद भी मुझे इन लोगों के पुराने फटे हुए कपड़े पहनना पड़ता है। मेरी तबीयत खराब होने पर डॉक्टर नहीं दिखाया जाता है।

रीना ने बताया कि मुझे कभी भी बाहर या बाजार जाने नहीं दिया जाता है। इस तरह में आर्थिक रूप से और मेरे शारीरिक रूप से प्रताड़ना झेल रही हूं।