स्वर्ग का अहसास करना है तो हिमाचल की वादियों में एक बार घूमने जरूर जाएं

नई दिल्ली।  हिमाचल भारत के खूबसूरत  पर्यटक स्थलों में शामिल है। पूरे विश्व के हजारों पर्यटक हिमाचल घूमने के लिए हर साल आते हैं। यहां के खूबसूरत नजारे मन मोह लेते हैं। हिमाचल एक पहाड़ी राज्य है, शिमला इस खूबसूरत राज्य की राजधानी है। आज हम आपको हिमाचल की एक खूबसूरत जगह के बारे में बताने जा रहे हैं। हिमाचल की ये जगह किसी जन्नत से कम नही है। आइए जानते हैं इस खूबसूरत जगह के बारे में…

चंबा
चंबा बेहद ही खूबसूरत जगह है। चंबा का मौसम काफी सुहाना रहता है। मान्यताओं के अनुसार चंबा शहर का नाम वहां की राजकुमारी चंपावती के नाम पर पड़ा है। चंबा की खूबसूरती देखते ही बनती है।

चंपावती मंदिर
चंपावती मंदिर यहां के प्रमुख मंदिरों में से एक है। ऐसा कहा जाता है कि शिक्षा के लिए राजकुमारी चंपावती हर दिन एक साधु के पास जाती थी। राजकुमारी के रोजाना जाने पर राजकुमार को शक होने लगा और वो एक दिन राजकुमारी के पीछे-पीछे आश्रम तक जा पहुंचा। वहां राजकुमार को कोई नहीं मिला। परंतु राजकुमार को शक करने की सजा मिली और उससे उसकी बेटी छीन ली गई। प्रायश्चित करने के लिए आसमान में आकाशवाणी हुई कि राजा को यहां पर एक मंदिर बनवाना होगा। तब राजा ने चौगान मैदान के पास एक सुंदर मंदिर का निर्माण करवाया। इस मंदिर को चमेसनी देवी के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें चंबा के आसपास कुल 75 प्राचीन मंदिर हैं।

चौगान
चंपावती मंदिर के पास में एक विशाल मैदान है, जिसे “चौगान” कहा जाता है। चौगान को चंबा शहर का दिल भी कहा जाता है। पहले ये मैदान काफी बड़ा हुआ करता था, परंतु बाद में इसे पांच हिस्सों में बांट दिया गया। अब यहां पर मुख्य मैदान के अलावा चार छोटे- छोटे मैदान भी हैं। चौगान मैदान में जुलाई के महीने में चंबा का सबसे मशहूर मेला पिंजर मेला लगता है।

भूरि सिंह संग्राहलय
चंबा का भूरि सिंह संग्राहलय छोटा है, परंतु इसका प्रबंधन बेजोड़ है। भूरि सिंह संग्राहलय के प्रथम तल पर मिनिएचर पेंटिंग की सुंदर गैलरी है। इस संग्रहालय में गुलेर शैली की बनी पेंटिंग लगाई गई हैं और यहां पर ब्लैक एंड वाइट तस्वीरें भी देखने को मिलती हैं।

कालाटॅाप वन्य अभ्यारण्य
कालाटॅाप वन्य अभ्यारण्य डलहौजी और खजियार के रास्ते में एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। यह अभ्याराण्य चारों तरफ से पहाडियों से घिरा हुआ है। इस जगह का वातावरण बहुत शांत है। इस जगह की खूबसूरती देखते ही बनती है। यहां पर स्वदेशी पक्षियों की प्रजातियों जैसे तीतर, यूरेशियन और ग्रे-हेडेड कैनरी देखने को मिलते हैं। रावी नदी इस खूबसूरत जगह में चार चांद लगाने का काम करती है।

 

 

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