MP: बेहतर रिसर्च के लिए उच्च शिक्षा विभाग की पहल, लैब टेक्नीशियन को देगा प्रशिक्षण

भोपाल।  एमपी में शोधकार्य की गुणवत्ता को सुधारने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने नया प्रयोग शुरू किया है। इसके तहत सरकारी कॉलेजों में काम कर रहे लैब टेक्नीशियनों को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह काम 23 नवंबर से 18 दिसम्बर के बीच होगा।

विभाग ने इस मामले में आदेश अपने पोर्टल पर जारी कर दिया है। जिसमें सभी कॉलेज प्राचार्यों को अपने यहां काम कर रहे लैब सहायकों को प्रशिक्षण में भाग दिलाने की बात कही गई है।

अधिकारियों के अनुसार इस कवायद का मकसद लैब में रिसर्च कार्य की गुणवत्ता को सुधारना है। प्रदेश में 49 यूनिवर्सिटी हैं जिनमें 1405 कॉलेजों के 11,78,000 छात्र पढ़ते हैं। प्रदेश में करीब दो लाख छात्र रिसर्च कार्य कर रहे हैं। कई कॉलेजों में लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति न होने से व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं।

विभाग चाहता है कि जो लैब टेक्नीशियन काम कर रहे हैं, उन्हें ट्रेनिंग देकर धीरे-धीरे कॉलेजाें में रिसर्च गतिविधियां बढ़ाई जाएं। इसके बाद नैक निरीक्षण के लिए उन्हें तैयार किया जाएगा।

प्रदेश के ज्यादातर सरकारी कॉलेजों में रिसर्च कार्य ठप है। राजधानी भोपाल के साथ इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर के शहरी क्षेत्रों में बसे 340 से अधिक कॉलेजों की स्थिति तो ठीक है लेकिन करीब 45 से अधिक जिले ऐसे हैं जहां स्थित कॉलेजों में बजट के अभाव में रिसर्च कार्य नहीं हो पा रहे हैं। स्थिति यह है कि यहां नैक की तैयारियों के लिए भी बजट नहीं है। कई सरकारें आईं लेकिन इनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

नैक निरीक्षण के लिए होंगे तैयार
उच्च शिक्षा विभाग नैक ( नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल ) के निरीक्षण के लिए कॉलेजों को तैयार करने की योजना बना रहा है। प्रदेश सरकार चाहती है कि कॉलेज अपने रिसर्च कार्य के दम पर नैक से ग्रेड लें। वो सिर्फ प्लान और तैयारी के लिए उचित संसाधन उपलब्ध कराएगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन शिफ्टों में होगा। दो शिफ्ट में 30-30 और तीसरी शिफ्ट में 24 लैब टेक्नीशियनों को प्रशिक्षित किया जाएगा। पहले बैच में वनस्पिति शास्त्र और रसायन, दूसरे में भौतिक शास्त्र, भूगोल, गृह विज्ञान, माइक्रोबॉयलॉजी, रसायन शास्त्र और तीसरी शिफ्ट में प्राणी शास्त्र और भौतिक शास्त्र विषय का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उच्च शिक्षा विभाग में लैब टैक्नीशियनों को प्रशिक्षण देने के निर्देश जारी कर दिए हैं। भविष्य में इसका लाभ शोधार्थियों को मिलेगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 23 नवंबर 2020 से शुरू होगा।
चंन्द्रशेखर बालिम्बे, अपर आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग, भोपाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *