HDFC LIFE बनेगी देश की सबसे बड़ी प्राइवेट बीमा कंपनी, ‘मैक्स लाइफ’ का होगा विलय

मुंबई/नई दिल्ली। प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी मैक्स लाइफ इंश्योरेंस और मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज का एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में विलय होगा। दोनों कंपनियों ने विलय करने के लिए करार किया है। मैक्स फाइनेंशियल और एचडीएफसी के बोर्ड ने विलय की संभावना तलाशने के लिए मंजूरी दे दी है। इसके तहत दोनों कंपनियां विलय के लिए ड्यू डिलिजेंस करेंगी।
दोनों कंपनियों के विलय से बनने वाली कंपनी देश की सबसे ब़़डी प्राइवेट कंपनी होगी। इसका मार्केट कैप 45 हजार से 50 हजार करोड़ तक होगा।

ऐसे हो सकता है विलय
विलय के बाद जो कंपनी बनेगी उसमें एचडीएफसी, स्टैंडर्ड लाइफ और अजीम प्रेमजी का 60 से 65 फीसदी हिस्सा होगा। वहीं अनलजीत सिंह की कंपनी मैक्स ग्रुप का इसमें 35 से 40 फीसदी हिस्सा होगा। ये हिस्सा सिंह के परिवार, जापानी कंपनी मितुसी सुमिटोमो इंश्योरेंस, एमएस एंड एडी इंश्योरेंस ग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, केकेआर में बंटेगा।

मैक्स ग्रुप ने पिछले साल बांटी थी कंपनियां
फिलहाल मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की होल्डिंग कंपनी है। ये कंपनी शेयर बाजार में लिस्टेड है। अनलजीत सिंह ने पिछले साल कंपनी को तीन तरह से बांट दिया है। उन्होंने इंश्योरेंस के लिए अलग होल्डिंग कंपनी बनाई थी। डिमर्जर के बाद सिंह ने 9.5 फीसदी हिस्सा अमेरिकी प्राइवेट कंपनी केकेआर को 1 हजार करोड़ में बेच दिया था। 2 चरणों में हुई डील में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को उसकी पेरेंट कंपनी मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज में विलय कर दिया गया है। इस कंपनी में 68.01 फीसदी एमएफएसएल का है। जापानी पार्टनर एमएसआई का 25 फीसदी और 5.99 फीसदी हिस्सा एक्सिस बैंक के पास है।

एचडीएफसी को मिल सकता 40 फीसदी हिस्सा
विलय के बाद बनने वाली कंपनी में अनलजीत सिंह का हिस्सा 7 से 9 फीसदी हो सकता है। एएसआई का 8 से 10 फीसदी हिस्सा, केकेआर और गोल्डमैन को 3 से 4 फीसदी हिस्सेदारी मिल सकती है। इसी तरह एचडीएफसी का एचडीएफसी लाइफ में 61 फीसदी हिस्सा है। उसे नई कंपनी में 36 से 40 फीसदी तक हिस्सेदारी मिल सकती है। इसी तरह स्टैंडर्ड लाइफ जिसकी हिस्सेदारी 35 फीसदी है उसे 21 से 23 फीसदी हिस्सा मिल सकता है।

1 महीने में दूसरा विलय
हाल ही में एचडीएफसी ने एचडीएफसी अर्गो जनरल इंश्योरेंस में एल एंड टी जनरल इंश्योरेंस का विलय किया था। ये विलय 551 करोड़ में हुआ था। अगर ये पूरा हो जाता है तो इंश्योरेंस इंडस्ट्री का पहला विलय होगा।

10 महीने लगेंगे प्रक्रिया में
मर्जर के बाद एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा कि इंश्योरेंस के लिए भारत में ब़़डा अवसर है। भारत में इंश्योरेंस की पहुंच कम है। पारेख के मुताबिक नया बिजनेस प्रीमियम अगले 5 साल में 15 फीसदी की दर से ब़़ढेगा। 4 बड़ी कंपनियों का मार्केट शेयर 65 फीसदी होगा। पारेख के मुताबिक एचडीएफसी लाइफ के शेयरधारक लिस्टिंग के लिए तैयार हैं। पारेख के मुताबिक स्टैंडर्ड लाइफ और सुमितोमो ने इस ट्रांजैक्शन के लिए मंजूरी दे दी है। ड्यू डिलीजेंस और वैल्युएशन 60 दिन में पूरा होगा। अनलजीत सिंह के मुताबिक पूरी प्रक्रिया में 10 महीने का समय लगेगा। पूरा ट्रांजैक्शन शेयर स्वैप के जरिए किया गया है।

आईपीओ की तैयारी
इंश्योरेंस रेगुलेटर ने पहले ही इंश्योरेंस कंपनियों के आईपीओ लाने को मंजूरी दे दी है। फिलहाल किसी इंश्योरेंस कंपनी का आईपीओ बाजार में नहीं आया है। एचडीएफसी लाइफ और आईसीआईसीआई प्रू लाइफ इंश्योरेंस शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी कर रहे हैं। विलय से एचडीएफसी लाइफ को फायदा होगा। उसका वैल्युएशन ब़़ढेगा जिससे बाजार में लिस्टिंग पर अच्छे दाम मिलेंगे।

शेयरों पर असर
विलय के करार की खबरों के बीच मैक्स फाइनेंशियल का शेयर 15 फीसदी तक च़़ढ गया था। बाजार बंद होते समय शेयर में 10 फीसदी की तेजी थी। इसी तरह एचडीएफसी के शेयर में 0.77 फीसदी की तेजी देखी गई।

कितनी बड़ा है कारोबार
एचडीएफसी लाइफ मैक्स लाइफ
मुनाफा 818 439
एयूएम 74,247 35,824
एंबेडेड वैल्यू 10,205 5,617
प्रीमियम से आय 16,313 9,216
नेटवर्थ 3,150 2,024
* आंक़़डे करोड़ रुपए में

मर्जर के बाद बाजार हिस्सेदाी
विलय की गई नई कंपनी: 12.4 फीसदी
आईसीआईसीआई पू्र: 11.3 फीसदी
एसबीआई लाइफ: 9.7 फीसदी

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