तलाक के बाद मां के साथ रहे थे बच्‍चे, लॉकडाउन ने ब‍िगाड़ी हालत तो पत‍ि को सौंपे

एक मह‍िला टीचर ने तलाक के बाद दो बच्‍चों की कस्‍टडी का केस तो जीत ल‍िया लेक‍िन लॉकडाउन के आगे हार मान ली. लॉकडाउन के वजह से मायके में हालत खराब हुई, नौकरी छूटी तो बच्‍चों को अपने पत‍ि को सौंप द‍िया. यह अजीब मामला मध्‍य प्रदेश के भोपाल का है.

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दैन‍िक भास्‍कर की खबर के अनुसार, भोपाल में पहली बार एक ऐसा मामला आया जब एक महिला ने पति से तलाक के बाद दो बच्चों की कस्टडी के लिए कोर्ट से केस जीता. दो साल तक दो बच्चों को अपने पास रखा और उसके बाद उसने जिला विधिक प्राधिकरण में आवेदन किया कि वह अपने दोनों बच्चों का पालन-पोषण ठीक से नहीं कर सकती. दोनों बच्चे उसके पति को सौंप दिए जाएं.

इसके बाद प्राधिकरण ने दोनों बच्चों, मां और पिता की काउंसलिंग की. बच्चों ने भी पिता के साथ रहने के लिए अपनी सहमति दी. वहीं पति खुशी खुशी अपने साथ बच्चों को ले गया और मामले में समझौता हो गया.

प्राधिकरण के सचिव संदीप शर्मा ने बताया कि मामले में महिला के आवेदन पर पति और बच्चों को काउंसलिंग के लिए बुलाया. पहले से ही पिता बच्चों को अपने पास रखना चाहता था लेक‍िन महिला को बच्चों की कस्टडी मिलने के कारण वह मजबूर था.

जब महिला के पति को काउंसलिंग में बुलाने की वजह बताई तो उसने बिना देर किए बच्चों को साथ ले जाने के लिए तैयार हो गया. वहीं बच्चों ने भी पिता के साथ जाने के लिए अपनी सहमति दे दी.

महिला के पति ने बताया कि उसने अभी तक दूसरी शादी नहीं की. वह अपने बच्चों के साथ जीना चाहता था, उसकी ईश्वर ने सुन ली. प्राधिकरण ने मां को बच्चों से मिलने का एक विकल्प भी दिया है, वह चाहे तो महीने में एक बार उनसे मिल सकती है.

महिला ने काउंसलिंग के दौरान बताया कि वह एक स्कूल में टीचर थी जहां उसे अच्छा वेतन मिलता था. वह मायके में रहकर अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही थी और माता-पिता बच्चों की देखभाल करते थे. कोरोना संक्रमण के दौरान पिता की मौत हो गई और उसकी नौकरी छूट गई. उसकी मां, भाई के पास रहने चली गई. ऐसे में वह बुरी तरह से टूट गई. पति जो भरण-पोषण की राशि देता है उससे उसका और बच्चों की देखभाल संभव नहीं है.

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