सिंहस्थ 2016 : मेले में शामिल होने पहुंचे लाखों श्रद्धालु, पहला शाही स्नान शुरू

शुक्रवार सुबह मोक्षदायिनी शिप्रा में पहले अमृत स्नान के साथ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला सिंहस्थ कुंभ शुरू हुआ. यह एक माह तक चलेगा. देश और दुनियाभर से लाखों लोगों के इस आयोजन में पहुंचने की उम्मीद है. इसके मद्देनजर सुरक्षा और सुविधाओं के लिए प्रशासन ने व्यवस्था की है.

पहला शाही स्नान शुरू
गुरुवार-शुक्रवार की रात 12 बजते ही श्रद्धालुओं ने क्षिप्रा में सिहंस्थ 2016 की पहली डुबकी लगाई. प्रशासन ने रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट को छोड़कर अन्य घाटों पर भक्तों के स्नान की व्यवस्था की है. शिप्रा नदी में सबसे पहले अलग अलग अखाड़ों के संत स्नान कर रहे हैं. जूना अखाड़े के स्नान के साथ पहला शाही स्नान शुरू हुआ. पहले शाही स्नान में 13 अखाड़े शामिल होंगे. सभी अखाड़ों को स्नान के लिए ज्यादा से ज्यादा 30 मिनट मिलेंगे.

पहले शाही स्नान में एक भी शंकराचार्य नहीं
सदी के दूसरे सबसे बड़े मेले सिंहस्थ महापर्व में देश के चारों प्रमुख पीठों के शंकराचार्यों में एक भी पहले शाही स्नान में शामिल नहीं हो रहे हैं. इसका मुख्य कारण शंकराचार्यों का सिंहस्थ में देरी से आगमन होना है. शंकराचार्यों का आगमन मई में होगा.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
एक माह तक चलने वाले इस बड़े आयोजन के लिए उज्जैन में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं. 20 हजार अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं. इसके अलावा दो हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी स्वास्थ्य सेवाओं को संभालेंगे. 500 मेडिकल ऑफिसरों ड्यूटी पर तैनात किया गया है.

4 हजार पंडालों में संतों का डेरा
मेले के लिए 3061 हेक्टेयर में 4 हजार से ज्यादा पंडालों में साधु-संतों ने डेरा डाल दिया है. निवर्तमान शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंदजी, जूना पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरि, महामंडलेश्वर पायलट बाबा, परमहंस नित्यानंद, महामंडलेश्वर दाती महाराज अौर अन्य प्रमुख संत भी आ चुके हैं.

यातायात सुविधा
ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पुलिस ने जगह-जगह बैरिकैडिंग किए हैं. 10 रु. किराए पर यात्रियों के लिए सिटी बस की व्यवस्था की गई है. बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को सेटेलाइट टाउंस और पार्किंग स्थलों से मेला क्षेत्र व स्नान घाटों पर पहुंचाने के लिए 400 सिटी बसों को लगाया गया है. इन बसों में 10 रु. किराए में श्रद्धालु मेला क्षेत्र में कहीं भी जा सकेंगे.

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