साध्वी प्रज्ञा का शिवराज पर हमला, कहा- भुगतना पड़ेगा अंजाम

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर बड़ा हमला किया है. साध्वी ने अपनी इस हालात के लिए शिवराज को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मुझे परेशान किया है उनका नेता शिवराज हैं और उनको इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा.

साध्वी ने उज्जैन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी की तारीफ की. उन्होंने कहा कि मोदी जी राष्ट्रभक्त  हैं और उनको मेरा हमेशा समर्थन रहेगा.

साध्वी की मानें तो वो बेकसूर हैं और कांग्रेस ने बेवजह उन्हें इतने दिनों तक जेल में बंद रखा. प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि मालेगांव धमाके की जांच NIA कर रही है और अब जांच सही दिशा में जा रही है. उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी आरोप उनपर लगाए हैं वो सभी बेबुनियाद हैं.

सिंहस्थ कुंभ में स्नान की जिद पर अड़ी थीं प्रज्ञा
दरअसल साध्वी प्रज्ञा सिंहस्थ कुंभ में स्नान की जिद पर अड़ी पर थीं. लेकिन शिवराज सरकार ने सुरक्षा का हवाला देकर उन्हें इजाजत नहीं दी थी. जिसके बाद सोमवार से साध्वी भूख हड़ताल  पर बैठ गई थीं. इस बीच ये मामला अदालत तक पहुंचा और अदालत ने उन्हें सिंहस्थ कुंभ जाने की इजाजत दे दी. भारी सुरक्षा के बीच साध्वी उज्जैन पहुंची हैं और गुरुवार सुबह क्षिप्रा नदी में डुबकी लगाएंगी.

शिवराज को साध्वी का धमकी भरा खत
उज्जैन सिंहस्थ कुंभ में स्नान करने की इच्छा को लेकर साध्वी प्रज्ञा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक खत लिखा था जिसमें उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर उन्हें 21 मई तक सिंहस्थ में स्नान करने की अनुमति नहीं दी गई तो जेल में अनशन शुरू कर देंगी. कोई जवाब नहीं मिलने पर साध्वी ने सोमवार सुबह से ही जेल में ही भूख हड़ताल शुरू कर दी थी. जिसके बाद एमपी सरकार को झुकना पड़ा.

मालेगांव ब्लास्ट में थीं मुख्य आरोपी
गौरतलब है कि 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए धमाकों में महाराष्ट्र एटीएस की ओर से साध्वी प्रज्ञा को मुख्य आरोपी बनाया था. लेकिन बाद में इसकी जांच एनआईए को सौंप दी गई जिसके बाद उन्हें राहत मिली थी. एनआईए ने इस मामले में साध्वी के खिलाफ कोई सबूत न होने की बात कहते हुए उन्हें पिछले दिनों ही क्लीन चिट दे दी. एनआईए की क्लीन चिट के बाद मुंबई के स्पेशल एनआईए कोर्ट ने साध्वी को आरोप मुक्त कर दिया था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *