वायुसेना का ‘आयरन फिस्ट’ में शक्ति प्रदर्शन, मारक क्षमता एवं हथियारों की दिखाएंगे ताकत

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने आज भारतीय वायुसेना पोखरण में युद्धाभ्यास ‘आयरन फिस्ट’ का प्रदर्शन करेगी। इसमें वायुसेना के 181 लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे तथा अपनी मारक क्षमता एवं हथियारों प्रदर्शन करेंगे।

भारतीय वायुसेना द्वारा हर तीन साल में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इसमें लड़ाकू विमान युद्ध का पूर्वाभ्यास करते हैं। राष्ट्रपति और पीएम के अलावा 50 से ज्यादा मित्र देशों के एयर अटेची, डिफेंस अटेची के अलावा कई केंद्रीय मंत्री एवं तीनों सेनाओं के प्रमुख भी शामिल होंगे।

पोखरण फायरिंग रेंज में इस युद्धाभ्यास में वायुसेना के 13 विमान व 7 तरह के हैलीकॉप्टर के अलावा मानव रहित विमान अपना कौशल प्रदर्शित कर रहे है। देश के विभिन्न एयर बेस से उड़ान भर लड़ाकू विमान दिन-रात अपने लक्ष्य पर सटीक निशाने साधने का अभ्यास कर रहे है।

आयरन फिस्ट यानी शक्ति प्रदर्शन

  • भारतीय वायुसेना इस मौके पर मारक क्षमता का दुनिया के सामने प्रदर्शन करती है।
  • फरवरी 2013 में आयोजित आयरन फिस्ट के बाद तीसरे साल इसका आयोजन हो रहा है।
  • दिन-रात के इस युद्धाभ्यास में वायुसेना के 181 लड़ाकू विमान भाग ले रहे हैं।
  • लड़ाकू हैलीकॉप्टर भी अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
  • लड़ाकू विमानों के साथ ही तीस से अधिक हथियार प्रणाली की क्षमता को आजमाया जाएगा।
  • वायुसेना इस युद्धाभ्यास के जरिए अपने पास उपलब्ध सभी तरह की हथियार प्रणाली का परीक्षण करेगी।

आकर्षित करेगा तेजस

  • आयरन फिस्ट में सबसे खास रहेगा स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस का प्रदर्शन। हालांकि तेजस अभी तक वायुसेना में शामिल नहीं किया गया है। इसके बावजूद युद्धाभ्यास में शामिल होगा।
  • देश में ही विकसित तेजस के चार विमानों को इस युद्धाभ्यास में अपनी क्षमता दर्शाने के लिए बुलाया गया है।
  • चार में से एक स्टैंडबाई के रूप में जैसलमेर में रहेगा। ये दो मार्च को जैसलमेर पहुंचेंगे।

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