रात तीन बजे आसमान से बरसी तबाही, अरुणाचल में भूस्खलन से एक दर्जन से ज्यादा मौत

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भूस्खलन से 16 लोगों की मौत हो गई है। सेना के मुताबिक़ मारे गए सभी लोगों के शव बरामद हो गए हैं और राहत और बचाव का काम ख़त्म हो गया है। गौरतलब है कि प्रदेश में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के कारण राजधानी इटानगर समेत राज्य के अनेक जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।

बताया जा रहा है कि इस हादसे में सभी मृतक असम के ही निवासी थे। मृतकों में 15 मजदूर और एक सुपरवाइजर बताया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पीएमओ ने ट्वीट करके इस दुर्घटना पर दुख जताया-
यह हादसा तवांग शहर के पास फालमा गांव में सुबह चार बजे हुआ, जब निमार्णाधीन बिल्डिंग के मजदूर अपने कैंप में सो रहे थे। भारी बारिश की वजह से भूस्खलन हुआ और उसकी चपेट में मजदूर आ गए।

सीएम ने मांगी रिपोर्ट
मृत मिले सभी 16 मजदूरों के शव तवांग के सरकारी अस्पताल में रखे हुए हैं। सेना के मुताबिक बचाव अभियान पूरा हो गया है। मौसम खराब होने और पहाड़ी इलाके की वजह से राहत अभियान चलाने में काफी दिक्कत हुई। अरुणाचल के मुख्यमंत्री ने तवांग प्रशासन से इस पूरी रिपोर्ट मांगी है।

कई जगह बदतर हालात

अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण नामसाई और चंगलंग जिलों में हालात बदतर स्थिति में पहुंच गए हैं। राज्य की नोआ देहिंग और जेंगथू नदियों में जलस्तर बढ़ने की खबरे हैं, जबकि जलस्तर बढ़ने से बाढ़ रोकने के लिए बनाए गए सुरक्षा संबंधी कई तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नामसाई से मिली आधिकारिक रपट के मुताबिक गुरुवार से लगातार मूसलाधार बारिश के कारण जिले में बाढ़ की स्थिति बन गई है। नोओ देहिंग और जेंगथू नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। बाढ़ में अनेक बस्तियां और खेत डूब गए हैं, जबकि अनेक बांधों को भी नुकसान हुआ है।

कुछ जगह राहत-बचाव कार्य जारी

सिलाथू कचारी गांव से तीन घरों को खाली करावाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। विंगसेंग नांगताओ गांव के प्रभावित गांववालों को भी सुरक्षित निकाला जा रहा है। रपट में कहा गया है कि अब बाढ़ का पानी दिराक मिरि गांव और आसपास के इलाके की ओर बढ़ रहा है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं।

बाढ़ के कारण सिलाथू खम्पति, न्यू सिलाथू, काकोनी, सिलाथू कचारी, महादेवपुर-1, वैशाली, कृष्नपुर, महालोनी, इकोरानी, राजाबील, दिरकमिरि, लेख्कांग गोहैन, धरमपुर, मूर्ति कैंप, खेरबारी, दियोबील, फिलोबरी और नामपोंग गांवों में भारी कटाव हुआ है।

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