इलाके में रहने वाले करीब 30,000 हिंदू और बौद्ध भी विस्थापित हुए, जिनमें कुछ का कहना है कि रोहिंग्या आतंकवादियों ने उन्हें डराया धमकाया। सेना ने कहा कि सुरक्षा अधिकारियों को कब्रों में 20 महिलाओं और आठ पुरुषों के शव मिले जिसमें छह लड़कों की उम्र दस साल से कम थी।

म्यांमार सरकार के प्रवक्ता जाव ह्ते ने रविवार को 28 शव मिलने की पुष्टि की। उत्तरी राखिन में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने प्रत्येक जगह पर 10 से 15 शवों को दफनाया हुआ था। सेना प्रमुख ने कहा है कि जिस गांव में शव मिले हैं उसका नाम ये बाव क्या है जो उत्तरी राखिने में हिंदू और मुसलमान समुदायों की बती खा मायुंग सेइक के निकट है।

इलाके के हिंदुओं ने बताया कि आतंकवादी 25 अगस्त को उनके गांवों में घुस आए और बीच में आने वाले कई लोगों की हत्या कर दी और कुछ अन्य को अपने साथ जंगल ले गए।