मानवता तो ठीक लेकिन इसके अधीन होकर कोई खुद को समाप्त नहीं कर सकता-मोहन भागवत

नागपुर : आज देशभर में विजयादशमी का त्यौहार मनाया जा रहा है. महाराष्ट्र के नागपुर में आरएसएस भी विजयादशमी उत्सव मना रहा है. कार्यक्रम की शुरुआत संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शस्त्र पूजा करके की. इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला. इस कार्यक्रम में मोहन भागवत के अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी, बीजेपी के वरिष्ठ नेता एलके आडवाणी, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडनवीस मौजूद रहे. इसके बाद मोहन भागवत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोगों को विजयादशमी की बधाई दी. इस दौरान ने भागवत ने कहा कि देश 70 साल में पहली बार आजादी महसूस कर रहा है.
सरसंघचालक मोहन भागवत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हम 70 साल से स्वतंत्र हैं, फिर भी पहली बार अहसास हो रहा है कि भारत की प्रतिष्ठा बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि सारी दुनिया में हमारी साख बढ़ी है. उन्‍होंने कहा, ‘हमारी सुरक्षा के लिए सीमा पर जवान जान की बाजी लगाकर कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं. उनको कैसी सुविधाएं मिल रही हैं. उनको साधन संपन्न बनाने के लिए हमें अपनी गति बढ़ानी पड़ेगी.
 कार्यक्रम के दौरान भागवत ने गोरक्षा पर बोलते हुए गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों को आडे हाथों लिया. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानून एक्शन लेगा. भागवत ने कहा कि गोरक्षकों को डरने की जरूरत नहीं और अपने काम को अंजाम देते रहे. उन्होंने कहा कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा नहीं होनी चाहिए. गोरक्षा के नाम पर कानून तोड़ना ठीक नहीं है. गोरक्षा सांप्रदायिकता का सवाल नहीं है. गाय के नाम पर हिंसा को धर्म से ना जोड़ें. दूसरे धर्म से जुड़े लोग भी गोरक्षा से जुड़े हैं.
रोहिंग्या मुसलमानों पर बोलते हुए मोहन भागवत ने कहा कि आतंकी गतिविधियों की वजह से रोहिंग्या म्यांमार से भगाए गए. मानवता के नाम पर हम अपनी मानवता नहीं खो सकते. भागवत ने कहा कि इन लोगों को अगर आश्रय दिया गया तो वे सुरक्षा के लिए चुनौती बनेंगे. इस देश से उनका नाता क्या है? मानवता तो ठीक है लेकिन इसके अधीन होकर कोई खुद को समाप्त तो नहीं कर सकता.

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