पूर्व सीएम बाबूलाल गौर ने लहराया कांग्रेस का झंडा, दिखाया छिपा हुआ ‘कांग्रेसी’ रूप

15 अगस्त को एक कार्यक्रम के दौरान बाबूलाल गौर ने कांग्रेस का झंडा थामने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. मंगलवार को गौर ने भले ही इस मामले में सफाई दी, लेकिन बीजेपी ने इसे गंभीर माना है. वहीं कांग्रेस का कहना है कि इसमें कुछ गलत नहीं था, जिसे लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है.

मामला 15 अगस्त का है जब भोपाल में  कांग्रेस के विधायक आरीफ अकील के एक कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व सीएम बाबूलाल गौर को बुलाया गया था. गौर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे. गौर को स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए सम्मानित किया गया था. लेकिन कार्यक्रम के दौरान ही कुछ ऐसा हो गया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी.

‘मजदूर से मुख्यमंत्री BJP ने बनाया’
कार्यक्रम के दौरान बाबूलाल गौर ने कांग्रेस का झंडा थामा और बकायदा उसे लहराया भी. कांग्रेस का झंडा थामने के मामले में बाबूलाल गौर ने मंगलवार को सफाई दी. उन्होंने कहा कि वो एक कार्यक्रम में गए थे, जहां उनका सम्मान हुआ. उसके बाद उन्हें रैली को झंडा दिखाने को कहा गया, तो उन्होंने दिखा दिया. इसका ये कतई मतलब ना निकाला जाए कि वो बीजेपी छोड़ रहे हैं. गौर के मुताबिक वो जीवन भर इसी पार्टी में रहेंगे क्योंकि पार्टी ने उन्हें मजदूर से मुख्यमंत्री बनाकर फर्श से अर्श तक पहुंचाया है. ऐसे में वो कहीं और जाने की सोच भी नहीं सकते.

गौर पर डोरे नहीं डाल रही पार्टी: कांग्रेस
कैबिनेट से छुट्टी होने के बाद से ही गौर अपनी ही सरकार के खिलाफ कई मसलों पर बोलते आए हैं. अब कांग्रेस का झंडा थामने का वीडियो आने के बाद प्रदेश की राजनीति में कई कयास लगाए जा रहे हैं. इसके साथ ही कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस उन पर डोरे नहीं डाल रही है, लेकिन गौर की विचारधारा के साथ जरूर खड़ी है.

15 अगस्त को एक कार्यक्रम के दौरान बाबूलाल गौर ने कांग्रेस का झंडा थामने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. मंगलवार को गौर ने भले ही इस मामले में सफाई दी, लेकिन बीजेपी ने इसे गंभीर माना है. वहीं कांग्रेस का कहना है कि इसमें कुछ गलत नहीं था, जिसे लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है.

मामला 15 अगस्त का है जब भोपाल में  कांग्रेस के विधायक आरीफ अकील के एक कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व सीएम बाबूलाल गौर को बुलाया गया था. गौर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे. गौर को स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए सम्मानित किया गया था. लेकिन कार्यक्रम के दौरान ही कुछ ऐसा हो गया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी.

‘मजदूर से मुख्यमंत्री BJP ने बनाया’
कार्यक्रम के दौरान बाबूलाल गौर ने कांग्रेस का झंडा थामा और बकायदा उसे लहराया भी. कांग्रेस का झंडा थामने के मामले में बाबूलाल गौर ने मंगलवार को सफाई दी. उन्होंने कहा कि वो एक कार्यक्रम में गए थे, जहां उनका सम्मान हुआ. उसके बाद उन्हें रैली को झंडा दिखाने को कहा गया, तो उन्होंने दिखा दिया. इसका ये कतई मतलब ना निकाला जाए कि वो बीजेपी छोड़ रहे हैं. गौर के मुताबिक वो जीवन भर इसी पार्टी में रहेंगे क्योंकि पार्टी ने उन्हें मजदूर से मुख्यमंत्री बनाकर फर्श से अर्श तक पहुंचाया है. ऐसे में वो कहीं और जाने की सोच भी नहीं सकते.

गौर पर डोरे नहीं डाल रही पार्टी: कांग्रेस
कैबिनेट से छुट्टी होने के बाद से ही गौर अपनी ही सरकार के खिलाफ कई मसलों पर बोलते आए हैं. अब कांग्रेस का झंडा थामने का वीडियो आने के बाद प्रदेश की राजनीति में कई कयास लगाए जा रहे हैं. इसके साथ ही कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस उन पर डोरे नहीं डाल रही है, लेकिन गौर की विचारधारा के साथ जरूर खड़ी है.

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