देशव्यापी मंदी का असर आयकर वसूली पर, 5500 करोड़ की टैक्स वसूली प्रभावित

देशव्यापी मंदी ने आयकर विभाग की मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में टैक्स वसूली की कमर तोड़ दी है. 31 मार्च को समाप्त होने जा रहे वित्तीय वर्ष में साढ़े 5 हजार करोड़ रुपये आयकर वसूली प्रभावित होने के आसार है.

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ी करदाता दोनों कोल कंपनियों बिलासपुर की SECL और सिंगरौली की NECL ने तंगहाली के चलते हाथ खड़े कर दिए हैं. इनके अलावा प्राईवेट सेक्टर की निजी कंपनी जिन्दल ने भी कम टैक्स जमा किया है.

दोनों कोल कंपनियों के प्रबंधकों के साथ इंदौर में आयकर विभाग के बड़े अफसरों की हुई बैठक भी असफल साबित हुई.

इस वर्ष 19 हजार 237 करोड़ रुपए के टैक्स कलेक्शन के टारगेट को रिवाइज करने के लिए प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अबरार अहमद ने सीबीडीटी को प्रस्ताव भी भेज दिया है.

एक्सक्लूसिव बातचीत में मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अबरार अहमद ने कहा कि कोल कंपनियों ने तंगहाली की हवाला देते हुए टैक्स जमा करने में असमर्थता जताई है, चूंकि दोनों कोल कंपनियां सबसे बड़ी करदाता है इसलिए टैक्स वसूली पर असर पड़ा है.

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अबरार अहमद ने आयकर चोरों को चेताया कि समय रहते टैक्स जमा नहीं करने वालों पर छापेमार कार्रवाई और डिफाल्टरों की सम्पत्ति कुर्क करने की तैयारी कर ली गई है.

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