इजिप्ट एयर के विमान का मलबा मिला, सभी 66 लोगों की मौत

काहिरा: 

पेरिस से 26 विदेशियों समेत 66 लोगों को लेकर काहिरा जा रहा इजिप्टएयर का एक विमान आज मिस्र की वायुसीमा में पहुंचने के बाद रेडार से लापता होने के पश्चात भूमध्यसागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मिस्र के प्रधानमंत्री शेरीफ इस्माइल ने कहा कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि तकनीकी समस्या या फिर आतंकवादी हमले से यह हादसा हुआ। उन्होंने काहिरा हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, ‘हम किसी चीज से इनकार नहीं कर सकते।’ मिस्र की वायुसीमा में प्रवेश करने के तुरंत बाद एयरबस ए-320 स्थानीय समयानुसार रात पौने तीन बजे रेडार से लापता हो गया। उस समय वह 37,000 फुट की उंचाई पर उड़ रहा था।

इजिप्टएयर की उड़ान संख्या 804 भूमध्यसागरीय बंदरगाह शहर अलेक्जेन्ड्रिया के उत्तर में समुद्रतट से तकरीबन 280 किलोमीटर दूर मिस्र की सीमा में रेडार से लापता हुई। विमानन के अधिकारियों ने बाद में बताया कि विमान हादसाग्रस्त हो गया और मलबे की तलाश अब चल रही है।

अधिकारियों ने कहा, ‘इस आशंका की पुष्टि हो गई है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।’ एजिप्टएयर ने कहा कि विमान के लापता होने के दो घंटे बाद उससे मुसीबत में फंसे होने का संदेश मिला था। वैसे, मिस्र की सेना ने इस बात से इनकार किया है कि ऐसा कोई संदेश मिला है।

मिस्र की सेना के तलाशी एवं बचाव दल विमान के मलबे का पता लगाने के लिए क्षेत्र को खंगालने में जुटे हैं। विमान में एक बच्चे और दो शिशुओं समेत 56 यात्री और चालक दल के 10 सदस्य सवार थे। विमान पर मिस्र के 30 नागरिकों के अलावा 15 फ्रांसीसी मुसाफिर, दो इराकी और ब्रिटेन, बेल्जियम, कुवैत, सऊदी अरब, सूडान, चाड, पुर्तगाल, अलजीरिया और कनाडा के एक-एक मुसाफिर सवार थे।

मिस्र की सेना ने विमान के मलबे का पता लगाने के लिए यूनान की मदद से खोजी विमान और नौसेना के जहाज तैनात किए हैं। फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां मार्क आर्यल्ट ने मलबे की खोज में शामिल होने के लिए सैन्य विमान और नौकाएं भेजने की पेशकश की है।

पेरिस में जारी एक बयान के अनुसार, फ्रांसीसी राष्ट्रपति फांसवा ओलांद ने आपात बैठक की और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल सीसी से फोन पर बातचीत की। दोनों नेता इस हादसे से संबद्ध स्थिति का यथाशीघ्र का पता लगाने के लिए घनिष्ठ सहयोग पर सहमत हुए।

मार्च में अलेक्जेन्ड्रिया से काहिरा जा रहे इजिप्टएयर के एक विमान को अगवा कर लिया गया था और इसे साइप्रस की ओर जाने के लिए मजबूर किया गया था। वहां विमान अपहर्ता ने अपनी पूर्व पत्नी से मिलाने की मांग की थी। उसने दावा किया था कि उसने विस्फोटक परिधान पहन रखा है, लेकिन वह फर्जी साबित हुआ था। उसने यात्रियों और चालक दल को मुक्त करने के कुछ घंटे बाद आत्मसमर्पण कर दिया था। उससे पहले, अक्तूबर में इस्लामिक स्टेट ने मिस्र की आरामगाह शर्म अल शेख से रवाना हुए रूसी एयरलाइन्स के एक विमान को बम से उड़ाने की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में विमान में सवार सभी 224 लोग मारे गए थे।

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