Book Review: ‘100 CC’ पढ़कर ऐसा लगा जैसे बाइक की पिछली सीट पर बैठकर हो रहा हो सफर

100 CC…यह एक यात्रा की बुक नहीं बल्क‍ि इतिहास को साक्षात दिखाने का प्रयास है. इस बुक में जहां एक ओर हड़प्पा काल के राखीगढ़ी और मीतात्थल, महाभारतकाल के हस्त‍िनापुर के बारे में अनकही और अनसुनी बातें बताई गईं हैं तो चंडीगढ़, जयपुर जैसे आधुनिक शहर के जीवन को भी बताया गया है.

टीवीएस स्पोर्टस की 100 CC बाइक से लेखक श्याम सुंदर गोयल ने वैसे तो 25 हजार किलोमीटर की यात्रा 6 चरणों में की है. लेकिन यह इतना वृहद डाटा और जानकारी है जिसे एक ही किताब में समेट पाना संभव नहीं है. इसलिए इस किताब में मई-जून 2016 में की गई उत्तर भारत की 3850 किलोमीटर की यात्रा के बारे में बताया गया है जो 12 दिनों में पूरी हुई. इसका मतलब है 100 सीसी बाइक से प्रतिदिन औसत 320 किलोमीटर की यात्रा.

इस किताब की सबसे खास बात है कि एक बार यदि इसे आपने पढ़ना शुरू किया तो यदि आपके पास कोई बहुत जरूरी काम नहीं है जो इसे आप 2 घंटे में पूरी पढ़कर ही दम लेंगे. जो बात शब्दों में कही जा रही है, उसी बात को फोटो प्रमाणित भी करते नजर आते हैं. किताब में इस बात का विशेष का ख्याल रखा गया है कि दोहराव न हो और अनावश्यक काल्पनिकता और अलंकारिक भाषा का प्रयोग न हो.

किताब की लेखन शैली आम किताबों से पूरी तरह हटकर है. इसमें वेबसाइट पर चलने वाली भाषा का प्रयोग किया गया है जिससे कि आम लोग इससे तुरंत कनेक्ट हो सकें और जो बात कही जा रही है, उसे सीधे उसी रूप में ग्रहण कर सकें. इस बुक में यह भी ध्यान रखा गया है कि जब भी कोई बात खत्म हो तो उसकी ऐसी इमेज दिमाग में बने, जैसे कि पाठक खुद ही वहां मौजूद हो.

100 CC किताब के साथ लेखक श्याम सुंदर गोयल।

चूंकि लेखक प्र‍िंट और डिजिटल मीडिया में देश के बड़े मीडिया हाउस दैनिक भास्कर, भोपाल में रिपोर्टर के रूप में 8 साल काम कर चुके हैं और वर्तमान में इंडिया टुडे ग्रुप, दिल्ली की वेबसाइट aajtak.in में चीफ सब एडिटर के रूप में खबरों पर ही काम कर रहे हैं, इसलिए आज के रीडर की नब्ज भी इन्हें पता है. इसका असर इनकी लेखन शैली में भी दिखाई देता है.

वर्तमान समय में जब लोगों के पास पढ़ने का समय कम होता जा रहा है और वह मतलब की बात तुरंत जानना चाहता है. ऐसे में यह किताब उनके लिए ही लिखी हुई है. इसमें न सिर्फ देश की चर्चित जगहों के बारे में रोचक जानकारी दी हुई है बल्कि स्थानीय लोगों की भाषा, शैली, खानपान और सोच को भी इसमें समाहित किया गया है.

केदारनाथ यात्रा से लौटते समय देवप्रयाग, उत्तराखंड।

168 पेज और 200 रुपये कीम‍त की यह किताब, यात्रा के उन पलों को जीने की एक कवायद है जो जीना तो हर कोई चाहता है लेकिन परिवार, नौकरी, जिम्मेदारी, पैसे, संसाधन के अभाव में जी नहीं पाता. लेखक पिछले दस सालों से मीडिया की जॉब में हैं और 13 साल पहले शादी भी हो चुकी है. दो बच्चे भी हैं. मीडिया में छुट्टी भी मुश्क‍िल से मिलती है और पैसा भी कोई खास नहीं है. तब भी सिर्फ एक कमिटमेंट के सहारे यह यात्रा पूरी की, जो उन्होंने खुद से किया था. यह किताब भारत के उन लोगों की सोच भी बदल देगी जो यह सोचते हैं कि 100 सीसी बाइक से क्या लंबी दूरी भी तय की जा सकती है?

डीबी डिजिटल के हेड रहे श्री अनुज खरे जी और लेखक के साथी सुशील मिश्रा जो खुद भी बहुत बड़े घुमक्कड़ हैं।

इस बुक में भोपाल से भोपाल की 3850 किलोमीटर की यात्रा का वर्णन किया गया है. इसमें भोपाल से चंदेरी, झांसी, गुजर्रा, ग्वालियर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हस्त‍िनापुर, कोटद्वार, पौड़ी गड़वाल, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, केदारनाथ, देवप्रयाग, ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून, कालसी, पाउंटा साहिब, चंडीगढ़, कुरुक्षेत्र, पानीपत, जींद, राखीगढ़ी, भिवानी, खाटूश्यामजी, जयपुर, अजमेर, पुष्कर, रणथंभौर का किला, हल्दीघाटी, नाथद्वारा, उदयपुर, चि‍त्तौड़गढ़, कोटा, ब्यावरा होते हुए भोपाल की यात्रा का रोचक वर्णन है.

इस तरह पूरी हुई थी लेखक की 12 दिन में 3850 किलोमीटर की बाइक से यात्रा।

इस यात्रा में तीन बार ऐसे मौके आए जब लेखक की मौत हो सकती थी लेकिन किसी तरह इसमें बचे. वहीं, हस्त‍िनापुर के एक गांव में लेखक को किडनैपर समझ लिया गया. अजमेर में लेखक को पुलिस ने ड्रग डीलर समझ कर ट्रीट किया तो चित्तौड़गढ़ में कपड़ों की दुकान वाले ने खूशबू वाले कपड़ों की आड़ में सादा कपड़े पकड़ा दिए मूर्ख बना दिया.

इस किताब का विमोचन 22 फरवरी 2020 को भोपाल में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल के हाथों हुआ. मेघवाल जी पूर्व नौकरशाह रहे हैं और वर्तमान में वह बीकानेर से सांसद हैं. मोदी सरकार ने जब दूसरी बार शपथ ली थी तो मेघवाल जी साइकिल से शपथ लेने राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे और साइकिल से ही संसद में पहुंचे थे.

केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और अन्य गणमान्य हस्तियों के हाथों हुआ 22 फरवरी को भोपाल में हुआ 100 CC किताब का विमोचन।

इस किताब के बारे में भोपाल के एक पाठक सुशील मिश्रा ने लेखक के फेसबुक पेज पर लिखा, “इस किताब को पढ़ते समय कई बार ऐसा लगा कि मोटरसाइकिल कि पिछली सीट पर मैं भी सफर कर रहा हूं, यही आपके संस्मरणों को बखूबी श्रृंखलाबद्ध करने का कमाल है.”

अमेजन से ऑनलाइन बुक मंगाकर अपना फोटो शेयर करते मुंबई में रहने वाले वाले पाठक अलकेश गोस्वामी।

दैनिक भास्कर, भोपाल में वरिष्ठ पत्रकार भीमसिंह मीणा ने किताब के बारे में लिखा, “100 सीसी की तरह ही सरल भाषा में समझाई ज्योतिर्लिंग यात्रायात्राएं अक्सर बड़ी बाइक से की जाती है लेकिन 100 सीसी बाइक से पूरे भारत की यात्रा पहली बार श्याम सुंदर गोयल ने की। डीबी स्टार से आज तक का जो सफर पत्रकारिता में श्याम का रहा, ठीक वैसे ही देश के 12 ज्योतिर्लिंग तक की यात्रा उन्होंने बड़ी शिद्दत के साथ की। इन छह यात्राओं में से केदारनाथ यात्रा के ऊपर उनकी किताब हाल ही में प्रकाशित हुई।”

भोपाल में हुए मीडिया महोत्सव में लेखक चौपाल हुई जिसमें देश भर के 13 लेखक अपनी रचनाओं के साथ शामिल हुए थे। इस चौपाल में लेखक भी अपनी किताब के साथ शामिल हुए। चौपाल में 100 CC बुक पर जमकर चर्चा हुई।

भीमसिंह ने किताब की भाषा शैली को लेकर लिखा, “अक्सर यात्राओं की किताबें हो या दूसरी उनकी भाषा बेहद क्लिष्ट होती है जिसे समझने के लिए बार-बार पढ़ना भी पड़ता है, लेकिन श्याम एक लेखक नहीं है बल्कि पत्रकार हैं और उन्होंने बहुत ही सरल तरीके से पूरी किताब को लिखा है जिसे समझने में बहुत ज्यादा कष्ट नहीं हुआ। वह भोपाल से केदारनाथ तक जाने की और आने की कथा कुछ इस तरह कहते हैं कि जैसे चार मित्र आपस में बैठकर किस्से सुना रहे हो। सबसे अच्छी बात यह रही कि उन्होंने हर कहानी के साथ फोटो का प्रकाशन किया जिससे पूरी यात्रा को समझने में बहुत दिक्कत नहीं आई। किताब पढ़ने बैठा तो छोड़ने का मन नहीं हुआ और 2 घंटे में पूरी किताब को पढ़ लिया।”

मध्य प्रदेश के भोपाल में नवनियुक्त बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा जी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान जी से मिलकर किताब भेंट की।

यह किताब पाठक को क्यों पढ़नी चाहिए, इसके बारे मीणा ने लिखते हुए बताया, “किताब में उन्होंने कई ऐसे स्थानों का जिक्र भी किया जिनके बारे में अब तक जानकारी नहीं थी तो कुछ ऐसे स्थानों का जिक्र भी किया जिनके बारे में पढ़ा तो था लेकिन जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां कुछ भी नहीं मिला। सबसे बड़ी बात कि भारत की पुरा संपदा को संरक्षित नहीं रखा गया इस बात का भी जिक्र उनकी किताब में मिलता है। स्थानों के साथ उन्होंने उसके पीछे की कहानी का वर्णन किया है जिससे पुस्तक बांधकर रखती है। उनकी लेखन शैली में डीबी स्टार की इन्वेस्टिगेशन शैली साफ तौर पर झलकती है और यह शैली पाठक को आसानी से यात्रा के बारे में समझा पाती है। इस किताब को पढ़ने के बाद उनकी बाकी पांच यात्राओं के बारे में पढ़ने की जिज्ञासा बढ़ गई है और उन पुस्तकों का भी बेसब्री से इंतजार रहेगा।”

यह किताब प्रभात पब्ल‍िकेशन, दिल्ली की वेबसाइट पर तो उपलब्ध है ही, इसके अलावा अमेजन, फ्ल‍िपकार्ट, स्नैपडील, किंडल पर उपलब्ध है. लेखक से संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर 9827319747 पर संपर्क किया जा सकता है.

100 CC किताब अमेजन, किंडल, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, प्रभात प्रकाशन पर भी उपलब्ध है।

ई-मेल : ss.goyal78@gmail.com
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