ब्रिक्स सम्मेलन : आतंकवाद का मुद्दा मजबूती से उठाएंगे प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली: 

डोकलाम में सीमा विवाद खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन जाएंगे। संभावना जताई जा रही है कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के मुद्दे को मजबूती से उठा सकते हैं।

जबकि चीन ने पीएम मोदी के वहां पहुंचने से पहले ही नसीहत दी है कि बैठक के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री इस मुद्दे को ना उठाएं।

ब्रिक्स सम्मलेन के बाद संभव है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी अलग से मुलाकात करें। अगर दोनों देश के राष्ट्र प्रमुखों के बीच बातचीत होती है तो उसमें डोकलाम विवाद की वजह से दोनों देशों के रिश्ते में आई कड़वाहट को कम करने पर जोर दिया जा सकता है।

जिनपिंग और पीएम मोदी के मुलाकात को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि बहुपक्षीय मंचों पर बात के बाद दो राष्ट्र अध्यक्षों के बीच बातचीत सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन रवीश कुमार ने दोनों नेताओं के बीच मुलाकात की संभवानाओं पर कहने से इनकार कर दिया। ब्रिक्स पांच देशों का संगठन है। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका इसके सदस्य देश हैं। ब्रिक्स पांच विकासशील देशों का ऐसा समूह है जो इन देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक विकास को बढ़ावा देता है।

चीन में ब्रिक्स सम्मेलन की शुरुआत चार सितंबर को होगी जिसके बाद पीएम मोदी म्यांमार जाएंगे। पीएम 7 सितंबर को देश वापस लौटेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *