थाईलैंड: मिशन इम्पॉसिबल हुआ पॉसिबल, 17 दिन बाद गुफा से रेस्क्यू हुए खिलाड़ी

थाईलैंड की एक गुफा में फंसे 12 बच्चों और उनके फुटबॉल कोच को बाहर निकालने का मिशन शुरू हो गया है। इस मिशन को दुनिया का सबसे बड़ा रेस्क्यू बताया जा रहा है। आइये जानते हैं कि आखिर ये दुनिया का सबसे बड़ा रेस्क्यू क्यों कहा जा रहा है।

अभी भी कायम है चुनौती

बचाव कार्य में शामिल थाईलैंड की नेवी ने कहा है कि गुफा में पानी का स्तर भले ही कम हुआ हो लेकिन वैकल्पिक रास्ते की खुदाई का काम अभी भी जारी है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बच्चों को पानी के अंदर ही बचाना है।

लंबा चलेगा ऑपरेशन

गुफा में फंसे 12 बच्चों में से कोई बच्चा तैरना नहीं जानता है। ऐसे में बचाव दल के पास ये बड़ी चुनौती है कि इन बच्चों से गोताखोरी कैसे कराई जाए। अधिकारियों ने बताया है कि सभी 13 लोगों को बाहर लाने में तीन से चार दिन लग सकते हैं।

बारिश बनी मुसीबत

बारिश ने बचाव दल के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। शनिवार को हुई तेज बारिश ने बचाव दल के सामने ये चुनौती खड़ी कर दी है कि गुफा में पानी का स्तर बढ़ गया तो ऑपरेशन और मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में बारिश का होना इस मिशन को पेंचीदा बना सकता है।

गुफा की स्थिति

गुफा के प्रवेश द्वार से करीब 4 किमी अंदर और पहाड़ की चोटी से करीब एक किमी नीचे बच्चों का ये समूह फंसा हुआ है। जिस चैंबर में ये बच्चे बैठे हुए हैं, उसके पास पानी का बहाव बहुत ज्यादा है।

मिशन में शामिल कौन

इस मिशन में 13 इंटरनेशनल और 5 थाई नेवी सील के गोताखोरों को गुपा के अंदर भेजा गया है। उन्होनें बताया कि एक बच्चों को गुफा से बाहर निकालने में 11 से 12 घंटे तक का समय लग सकता है। इसके अलावा बताया जा रहा है कि हर बच्चे एक एक करके गुफा से बाहर निकाला जाएगा। सभी बच्चों को एक साथ बाहर निकालना संभव नहीं होगा। सात ही इस ऑपरेशन को 24 गंटे लगातार जारी रखा जाएगा और बच्चों को बाहर निकालने के लिए 3 से 4 दिन का समय लग सकता है।

बचाव अभियान में जुटी थाईलैंड की नौसेना, सेना, पुलिस और कई देशों के टीम दिन-रात गुफा से बारिश का पानी निकालकर जलस्तर कम करने में लगी थी लेकिन शनिवार को भारी बारिश होने से उनकी कोशिशों पर पानी फिर गया। यह बचाव अभियान के लिए एक झटका है।

बता दें कि थाईलैंड में दो हफ्तों से ज्यादा गुफा में फंसे बच्चों और कोच को बचाने का खतरनाक मिशन शुरू हो गया है। सभी बच्चे उत्तरी थाईलैंड की थाम लुआंग गुफा में फंसे हुए हैं। माना जा रहा है कि रात के 9 बजे तक पहले बच्चे को गुफा से बाहर निकाल लिया जाएगा।

गोताखोरों को गुफा का एक चक्कर पूरा करने में 11 घंटों का समय लग सकता है। दो गोताखोर मिलकर एक बच्चे को बाहर निकालेंगे। इससे पहले बच्चों को बचाने में थाईलैंज के एक नेवी गोताखोर की मौत हो गई थी। इस बचाव अभियान के मुखिया नारोनगसान ओसोतानकोन ने कहा आज एक महत्वपूर्ण दिन है। आज सुबह स्थानीय समयानुसार 10 बजे 15 विदेशी गोताखोर और 5 थाइलैंड नेवी सील कमांडर गुफा के अंदर बच्चों को बचाने के लिए गए हैं। पहला बच्चा जिसने कि 15 रातें इस गुफा में गुजारी हैं उसे रात के 9 बजे तक बाहर निकाला जा सकता है।

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