मध्यप्रदेश के शहरों का गर्मी से बुरा हाल, 7 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार

..पसीने से तर-बतर बदन, ..झुलसाता सूरज, ..वीरान सी सड़कें, ढाई बजे का वक्त और पारा 44 डिग्री सेंटीग्रेट। गर्मी सितम ढाने लगी है। सोमवार 43 डिग्री पर थमे पारे ने मंगलवार एक डिग्री की और उछाल दर्ज की। सूरज के तल्ख तेवरों से जेठ झुलस उठा। मंगलवार सीजन सबसे गर्म दिन रहा। लू ने दिनभर सताया। शहरी हाथ बंद दस्ताने, टोपी, गमछा, छाते की ओट में नजर आए। शाम छह बजे के बाद कुछ राहत मिली। पर गर्म हवाएं देर रात सांय-सांय करती रहीं।

मंगलवार गरमी के तेवरों के आगे कर्फ्य सा नजारा देखने को मिला। सार्वजनिक स्थान सूने-सूने हो गए। अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, बैंक, सरकारी-अर्द्धसरकारी दफ्तरों में ताप की हनक नजर आई। ढाई बजे के करीब पारे ने 44 डिग्री का पैमाना छुआ। कूलर, पंखे नामाक साबित हुए। भरारी फार्म स्थित मौसम विज्ञानियों की मानें तो आने वाले दिनों में गरमी से राहत की उम्मीद नहीं है। हवाएं उत्तर-पश्चिम, दक्षिण एवं उत्तर पश्चिम दिशा से 12 से 18 किलोमीटर प्रति घण्टा की रफ्तार से चलेंगी। इन दिनों में अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम पारा 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।

गरमी तेवरों से सहम उठे गांव-देहात

मंगलवार सूरज के तेवरों के आगे शहर से सटी तहसील, गांव-देहात, ब्लॉक भी खूब तपे। मऊरानीपुर, बरुआसागर, समथर, बड़ागांव, रानीपुर, गरौठा, मोंठ में गरमी पूरे रौ में नजर आई। गांव-देहातों में कच्चे मकान भभक उठे। मोबाइल सेट्स पर कहीं पारा 45 डिग्री दर्शाने लगा।

लू से सहमे लोग

मऊरानीपुर। मंगलवार जिले की सबसे बड़ी तहसील का मऊरानीपुर गरमी से बेहाल हो उठी। सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर सूरज ने आंख खोली। साढ़े आठ बजे ही धूप काटने लगी। तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस पहुंचा। साढे़ दस बजे के बाद रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, अस्पताल, सार्वजनिक स्थनों से लोग सरकने लगे। 12 बजे के बाद बड़ाबाजार पुलिस चौकी चौराहा, बजरिया चौराहा, बिलैया चौराहा, डाक खाना तिराहा, परमट चौराहा, अम्बेडकर तिराहा, गरौठा चौराहा पर इक्का-दुक्का लोग नजर आए। दोपहर ढाई बजे मोबाइल सेट्स पर पारा 44 डिग्री से ऊपर दर्शाने लगा। जिससे लोग सहम उठे।

हर तरफ ..उफ ये गरमी

बरुआसागर। उफ! ये गरमी। ..हाय ..गरमी। मंगलवार भीषण गरमी से लोग सहम उठे। गांव-देहातों की स्थिति और भी विकट रही। पगडंडियों पर चलना मुहाल हो गया। दिन भर मानो आसमान से आग बरस रही हो। दोपहर 12 बजते ही सरकारी दफ्तर, बस स्टैण्ड, झरना गेट, कंपनी बाग पर सूरज के तेवरों का असर दिखा। धीरे-धीरे यह सब वीरान होने लगे। घरों में चल रहे कूलर, पंखे एक पहर बाद नाकाम साबित हुए। वहीं कई मोहल्ले पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। गांव जरवौ, तालरमन्ना, फुटेरा, घुघुवा में कच्चे मकानों रह रहे लोगों का बुरा हाल हुआ।

सरकारी दफ्तरों पर दिखा असर

रानीपुर। कस्बा रानीपुर में मंगलवार गरमी पूरे शबाब पर नजर आई। ढाई बजे मानस मंच चौराहा सूना-सूना हो गया। मोबाइल सेट्स पर 45 डिग्री टेम्प्रेचर दर्शाने लगा। सरकारी अस्पताल, बैंक, नगर पंचायत कार्यालय, बस स्टैण्ड पर इक्का-दुक्का लोग नजर आए। शाम साढ़े चार बजे सूरज के तेवर कुछ नम हुए, पर तीखी धूप ने बदन ढंकने को मजबूर किया। गांव-देहातों की कच्ची सड़कें दिन भर तपीं।

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